मुहब्बत (कविता)

मुहब्बत


जरुरी नहीं की हर इश्क़ मुकम्मल हो कुछ कहानी अधूरी  ही अच्छी  हैं। 
लफ्जो में नहीं आती तेरी कोई बात पर मेरे लिए तेरी यादें ही अच्छी हैं।
सहें हैं  लाख जुल्मो सितम इस दुनियां के तेरे लिए। 
पर तुझे  पता ना चले ये बात तो अच्छी है कुछ कहानी अधूरी  ही अच्छी  हैं।  




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