मेरी कलम से

मेरी कलम से 

आज 17/08/2019 तारीख  है, कुछ ही दिन पहले यानि 15/08/2019  को हमने अपने भारत का स्वतंत्रता  दिवस के रूप में मनाया और हर साल इसी दिन मनाया भी जाता है , वैसे उसी दिन यानि 15/08/2019 को ही इस बार बहन भाई का त्यौहार कहा जाने वाला रक्षाबंधन भी था। पर मुझे बात करनी है 15 अगस्त के लिए.
पुरे भारत में सभी ने स्वतंत्रता दिवस बहुत ही हर्ष उल्लास से मनाया। इस बार तो और भी ख़ुशी थी 370 कश्मीर वाली।
 कई लोग बाइक पर भारत का झंडा लेकर निकल पड़े और रोड पर जोर जोर से चिल्ला रहे थे भारत माता की जय भारत माता की जय। यह दृश्य देख कर बहुत अच्छा महसूस हो रहा था। लोगो ने भारत का झंडा ले कर  बाइक रैली निकली और लोगो के अंदर भारतीय होने का गर्व महसूस कराया।
बहुत अच्छा और सराहना  लायक कार्य था ये। दो ही दिन तो मिलते है 15 अगस्त और 26 जनवरी हमे ।















सब कुछ अच्छा लग रहा था लोग खुश भी थे  पर ये क्या जो लोग भारत के झंडे को इतना महत्व दे रहे थे वही लोग, लोगों के  भय और दर के कारण थे। मैने जितने लोगो को भी 15 अगस्त को बाइक रैली  पर देखा किसी ने भी हेलमेट नहीं लगाया, रोड पर 18 साल से काम के बालक भी बाइक को लहरा लहरा कर चला रहे थे जैसे आज ही वो स्वतंत्र हुवे हो ।  तो क्या फायदा इस कृत्य का।
एक तरफ तो हम भारत माता की जय चिल्ला कर दुसरो को इस दिन की विशेष्ता दर्शा रहे है और दूसरी तरफ भारत के ही बहुत से कानून की हसीं भी उड़ा  रहे है।  क्या फायदा ऐसे काम से जो समाज के भय का प्रति
क बन जाये। मुझे ये बात गलत  लिख दी।  किसी कपो बुरी लगी हो तो वो जाने मुझे कुछ लेना देना नहीं है।

भारत माता की जय।  भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय। भारत माता की जय।

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हिमांशु उपाध्याय 




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