Slider Widget

10/recent/slider
मैं अपना चाँद देखने उसकी गली जाया करता था
Pin it
जिसे कहते है हम बचपन
Pin it
क्या ऐसा भी हो सकता है।
Pin it
(कविता)  कर ले
Pin it
वक़्त बेवक़्त आवाज आ जाती है आज भी
Pin it
बेपनाह प्यार (कहानी)
Pin it
अपनी है पर अपनी नहीं (Story)
Pin it
बंद मुठ्ठी से भी फिसलती है यादें रेत की तरह
Pin it
आये थे हाथ थामे इन गमो की गलियों में किसी का
Pin it
आधी है रूह आधा है जिस्म आधी है ये जिंदगी (कविता)
Pin it
आज की शाम भी ढलने को है (कविता)
Pin it
क्या मैं चोर था  ??
Pin it
 समय से पाबन्द
Pin it